कभी ध्वस्त हो सकती है वैकल्पिक व्यवस्था
भूस्खलन में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की ग्रामीणों ने प्लास्टिक पाइप से की अस्थायी मरम्मत
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र स्थित तच्छाली गांव में डेढ़ माह पहले भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। फिलहाल ग्रामीणों ने प्लास्टिक पाइप जोड़कर अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था से किसी तरह गांव में पानी की आपूर्ति की है। ग्रामीणों में बरसात के मौसम में कभी वैकल्पिक व्यवस्था के ध्वस्त होने की आशंका बनी है।
तच्छाली गांव निवासी शंकर बेबनी ने बताया कि गांव में चरेख पंपिंग पेयजल योजना के तहत जलापूर्ति होती है। निर्माणाधीन तच्छाली-स्यालिंगा मोटर मार्ग पर डेढ़ माह पूर्व हुई बारिश के दौरान भूस्खलन से मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर प्लास्टिक पाइप लगाकर जलापूर्ति बहाल की और इसकी सूचना जल संस्थान को भी दी लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटिंग के कारण पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में अस्थायी प्लास्टिक पाइप कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं जिससे पूरे गांव की पेयजल आपूर्ति ठप होने का खतरा बना है। उन्होंने विभाग से जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
उधर, जल संस्थान की जेई अनुजा गुसाईं ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर आपदा मद से बजट की मांग भेजी जा रही है। बजट स्वीकृत होते ही पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।