राजकीय शिक्षक संघ ने एसआईआर समेत अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाने का किया विरोध
शासन से आदेशों का पालन कराने की मांग
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने राजकीय इंटर कॉलेजों में पहले से ही शिक्षकों की कमी के बीच एसआईआर समेत अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया है। संघ का कहना है कि इससे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष जयदीप रावत और मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश विद्यालयों के शिक्षकों को एसआईआर व अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है जिससे नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि एक ओर सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण और कार्यक्रम संचालित कर रही है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रखा जा रहा है। बाद में परीक्षा परिणाम कमजोर होने पर इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है। संघ ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि राजकीय शिक्षकों की ड्यूटी किसी भी परिस्थिति में गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगाई जाए जिससे विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके और विद्यार्थियों का शैक्षणिक हित प्रभावित न हो।