कोटद्वार/यमकेश्वर। शुक्रवार देर रात आंधी से कई जगहों पर आम, जामुन आदि का बौर गिर गया। वहीं, हवा के साथ बूंदाबांदी से मौसम तो सुहाना हो गया, लेकिन हवा से गिरी फसलें जमीन पर बिछने से उनके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खेती करते हैं। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से गेहूं की फसल को तो क्षति पहुंची ही, आम के पेड़ों से बौर भी गिर गए। दुगड्डा में शुक्रवार रात से हुई बारिश व तेज हवा चलने से बागवानी को क्षति पहुंची है। आम, लीची, नींबू के पेड़ों से बौर (फूल) गिरने से बागवानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। संतरा, नींबू, गलगल, चकोतरा, नाशपाती आदि के पेड़ों के फूलों को नुकसान पहुंचा है। लैंसडौन में शनिवार की सुबह अचानक मौसम बदल गया। तड़के चार से सुबह छह बजे तक तेज बारिश होने और हवा चलने से जनजीवन मामूली रूप से प्रभावित हुआ। बारिश थमने के बाद भी आकाश में बादल छाए रहे। मंद-मंद धूप निकली। शनिवार को नगर का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहा। वहीं, सतपुली में शुक्रवार देर रात कुछ देर हवा चली और बूंदाबांदी के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई। शनिवार को दिन में धूप खिली रही।
उधर, यमकेश्वर क्षेत्र के गांवों में बारिश और आंधी से आम की फसल को नुकसान हुआ है। शनिवार सुबह से हो रही बारिश और तेज हवाओं से आम के बौर (फूल) गिर गए हैं। इसके अलावा मौसमी फसल को भी नुकसान हुआ है। पैंया गांव में दो दर्जन से अधिक आम के पेड़ हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधीन मौसमी व नींबू के पेड़ भी हैं। बारिश के साथ हवाओं से नींबू, मौसमी के फूल गिर गए। अमगड्डी (कुमरन) गांव में आंधी से नाशपाती के फूल गिर गए हैं। बिन्जाखेत, मंजेडी, ढोसेन आदि गांवों में बारिश और तेज हवा से आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। काश्तकार मंगतराम कपरूवान, गजे सिंह, प्रमोद सिंह, संग्राम सिंह, हिमांशु कपरूवान, रोहित, आयुष ने बताया कि बारिश से फसलों को फायदा होना था, लेकिन तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो गया।
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बारिश और तेज हवाओं से फलदार फसलों को 25 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका है। जिन फसलों में अभी फूल आए हैं, उन्हें नुकसान हुआ है। जिन फसलों में बीज बन गए थे, उन्हें नुकसान कम हुआ है। -राजेश तिवारी, उद्यान अधिकारी पौड़ी