स्टेशन के नए भवन निर्माण की सुस्त रफ्तार, जर्जर छत से जोखिम में जान
तीन वर्ष बाद भी कार्य अधूरा, मलबा गिरने के कारण दो यात्री इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे
31 मई तक बुकिंग कार्यालय को किया जाना था शिफ्ट, खत्म होने को है नवंबर
यात्रियों के साथ ही रेलकर्मचारियों को भी आए दिन झेलनी पड़ रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। स्टेशन भवन निर्माण की धीमी गति के कारण रेलवे अब तक एक भी कार्यालय नए भवन में शिफ्ट नहीं कर सका है। इसका खामियाजा रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों और कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बृहस्पतिवार शाम बुकिंग कार्यालय की जर्जर छत से मलबा गिरने के कारण दो यात्री इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
स्टेशन के बाहरी हिस्से में रेलवे का पुराना बुकिंग कार्यालय स्थित है। इसका भवन काफी जर्जर हो चुका है। वहीं, रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले करीब तीन वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। आलम यह है कि एक भी कार्यालय नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है। निर्माण कार्य 31 मई तक पूरा करने का कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने तत्कालीन डीआरएम राजकुमार को आश्वासन दिया था। तय किया गया था कि सबसे पहले बुकिंग कार्यालय को शिफ्ट कर और फिर इसके पुराने भवन को गिराकर रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में विकास कार्य कराए जाएंगे लेकिन निर्माण की धीमी गति के कारण बुकिंग कार्यालय अब तक नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है।
रेलयात्री तहसीन, यूसुफ, लियाकत ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके गुजरने से दो-तीन सेकेंड पहले ही स्टेशन की छत से मलबा गिरा। गनीमत रही कि वे चपेट में आने से बच गए। वहीं, रेलवे स्टेशन गेट से प्लेटफार्म के बीच पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने, जगह-जगह सामान और निर्माण सामग्री पड़ी होने तथा मार्ग बदहाल होने से भी आए दिन यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गति शक्ति यूनिट प्रभारी सुबोध चौहान ने बताया कि नए भवन में कक्ष का काम काफी हद तक पूरा कर लिया गया है। रेलवे स्टेशन के बाहरी हिस्से में शेड डालने समेत कई अन्य काम किए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था को कार्य में तीव्रता लाने के लिए कहा गया है।
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कोटद्वार रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय के जर्जर भवन में टिकट लेते यात्री। संवाद