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एक बाल्टी पानी के लिए छह किमी की दौड़

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द्वारीखाल ब्लाक के पलांस गांव में गदेरे से पानी सिर पर ढोकर लाती महिलाएं। - फोटो : KOTDWAR
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जलसंस्थान की लापरवाह पूर्ण कार्यप्रणाली द्वारीखाल ब्लाक के पलांस गांव के लोगों पर भारी पड़ रही है। गांव में गत छह माह से पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण एक बाल्टी पानी के छह किमी. पैदल गदेरे का चक्कर लगा रहे हैं। शिकायत के बाद भी ग्रामीणों की पेयजल किल्लत की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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ग्रामपंचायत सैंज के उपग्राम पलांस में पेयजल आपूर्ति के लिए पूर्व में गदेरे से कच्ची नहर बनाई गई थी। दूसरे गांव के बंजर खेतों के पास से बनाई गई कच्ची नहर से पानी को पाइप से गांव तक पहुंचाया जाता था। कोरोना के कारण मार्च में गांव लौटे प्रवासियों ने अपने बंजर खेतों को आबाद करने के लिए खेत खोद डाला। इससे पानी की कच्ची नहर टूट गई। तब से गांव की पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीण पंकज गुसाईं, युद्धवीर सिंह बिष्ट, कुलदीप सिंह बिष्ट, रविंद्र सिंह ने जलसंस्थान पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पिछले छह महीने से ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं। इधर सहायक अभियंता जलसंस्थान कोटद्वार देवकी नंदन जोशी का कहना है कि पलांस गांव की पेयजल समस्या उनकी संज्ञान में नहीं है। जेई को भेजकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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