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बीरोखाल के सत्तर गांवों का कोटद्वार से संपर्क टूटा

Fri, 05 Aug 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
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सड़क - फोटो : अमर उजाला
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बीरोंखाल/कोटद्वार। पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक में कोटद्वार-रिखणीखाल-बीरोंखाल मार्ग घिरोली मलणा के पास पुश्ता ढहने से दस दिन से बाधित पड़ा है, लेकिन संबंधित विभाग ने सड़क की सुध नहीं ली। सरकारी मशीनरी की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। करीब सत्तर से अधिक गांवों का कोटद्वार से सड़क संपर्क टूट गया है। जरूरी काम से लोगों को कुमाऊं मंडल के रामनगर होते हुए दिल्ली-देहरादून के लिए आवाजाही करनी पड़ रही है। दूसरे वैकल्पिक मार्ग बैजरों-पोखड़ा-सतपुली सड़क की भी बारिश से बुरी हालत हो गई है।
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करीब दस दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र का प्रमुख मार्ग बीरोंखाल-कोटद्वार घिरोली मलणा के पास करीब पांच मीटर सड़क टूट गई है। यहां पर छोटे-बड़े वाहनों की आवागमन ठप हो गया है। कोटद्वार निवासी विजेंद्र सिंह राणा का कहना है कि वह गत 27 जुुलाई को किसी जरूरी काम के लिए बीरोंखाल गए थे। तब भी यह सड़क टूटी पड़ी थी। उन्हें करीब 11 किमी पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। रिखणीखाल से बीरोंखाल तक पहुंचने के लिए लोगों को वापस लौटकर लैंसडौन-जयहरीखाल-सतपुली होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही है, जिसमें उन्हें साठ से सत्तर किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इसमें पैसा भी दोगुना देना पड़ रहा है। दिल्ली और देहरादून जाने वाले लोगों को रामनगर होते हुए जाना पड़ रहा है। ग्रामीण कुलदीप सिंह, गोपी सिंह रावत, यशपाल पटवाल, चंदन सिंह व विक्रम सिंह का कहना है कि सड़क बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि के लैंसडौन डिवीजन के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण के लिए इन दिनों एडीबी आपदा खंड पौड़ी के पास है। सहायक अभियंता एडीबी पौड़ी आलोक जैन का कहना है कि सड़क को एक सप्ताह के अंदर खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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