यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत गैडगांव से सिगड़ी गांव पिता के साथ जा रहे एक किशोर पर भालू ने हमला कर दिया। बेटे पर हमला होते देख पिता ने हिम्मत दिखाई ओर डंडे से भालू पर हमले करने लगा। लगातार हमला होने के बाद भालू मौके से भाग गया। भालू के हमले में बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि पिता को मामूली चोटें आई हैं। घायलों को अन्य ग्रामीण 108 सेवा की मदद से ऋषिकेश के एक अस्पताल ले गए। एक माह में भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। भालू के हमले से ग्रामीणों में भय है। ग्रामीणों ने भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग उठाई।
जिला पंचायत सदस्य गुमालगांव विनोद डबराल ने बताया कि गैडगांव निवासी अनिल (46) पुत्र गिरधारीलाल अपने पुत्र मनजीत (13) को लेकर दुकान में सामान लेने के लिए सिगड़ी (जमरिया) जा रहा था। इस दौरान झाड़ी में छिपे भालू ने अचानक उसके पुत्र मनजीत पर हमला कर दिया। बेटे पर हमला होते देख अनिल ने भालू के सिर पर डंडे से वार किए। डंडे से हुए वार के बाद भालू वहां से भाग गया। हमले में अनिल को मामूली और उसके पुत्र मनजीत को गंभीर चोटें आई हैं। अनिल ने फोन से सूचना ग्रामीणों को दी तो वह मौके पर पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए 108 वाहन की मदद से ऋषिकेश के एक अस्पताल ले जाया गया। जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल ने लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ दीपक सिंह से फोन पर बात कर भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। डीएफओ ने भालू को पकड़ने के लिए ट्रेप कैमरा और पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया।