उत्तराखंड लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच की ओर से ‘नशा नहीं शिक्षा और विद्या चाहिए’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। साथ ही नशा जैसी बुराई को समाज से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
शनिवार को जीजीआईसी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विजय धस्माना ने दीप प्रज्जलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने समाज से इस बुराई को हटाने के लिए संकल्पित होने पर जोर दिया। कहा कि नशा मनुष्य के शरीर और आत्मा दोनों का नाश करता है। इस बुराई को हटाने के लिए समाज को संवेदनशील होना जरूरी है।
इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने सरकारी तंत्र की नाकामी को क्षेत्र में बढ़ते नशा के लिए दोषी ठहराया। पुलिस की नाकामी के कारण दुकानों चौराहों पर शराब, स्मैक का कारोबार चल रहा है। युवाओं को नशा न करने के लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा, तभी जाकर युवा देश की प्रगति में सहायक हो सकता है।
भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक विनोद कुकरेती, डा. मनोरमा ढौंडियाल, जगतराम जोशी, पीएल खंतवाल द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर एसजीआरआर की सलोनी कुलाश्री ने प्रथम, बाल भारती स्कूल की दिव्याशी जोशी ने द्वितीय, एमकेवीएन की अदिति केष्टवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अर्पिता नेेगी और संतोषी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस अवसर मुख्य अतिथि डा. विजय धस्माना ने प्रथम पुरस्कार के रूप में पांच हजार, द्वितीय तीन हजार, तृतीय को दो हजार, सांत्वना के रूप में एक हजार और सभी प्रतिभागियों को पांच सौ रुपये का पुरस्कार दिया।
इस अवसर पर मातृ पितृ विहीन 21 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई। जीजीआईसी की छात्राओं की नंदा देवी राजजात सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समां बांधा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, बीईओ एचएस नेगी, डा. आरपी ध्यानी, गिरिराज सिंह रावत, मयंक कोठारी, अजयपाल सिंह, प्रधानाचार्य ब्रिजेश रानी, हरिचरण चतुर्वेदी, अभिलाषा भारद्वाज व रेनू गौड़ आदि मौजूद थे।