जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और कर्फ्यू की अवधि बढ़ाकर 18 मई तक करने और बाजार सुबह दस बजे तक खोलने के निर्णय के बाद भाबर रूट पर लोगों को आवाजाही के लिए थ्री व्हीलर और ई रिक्शा नहीं मिल पा रहे हैं। भाबर के लोगों की मांग पर रोडवेज के कोटद्वार डिपो ने झंडीचौड़ के लिए फिर से बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। झंडीचौड़ के लिए सुबह सात बजे से बस सेवा संचालित होगी। मंगलवार को बाया लालढांग देहरादून और हरिद्वार के लिए रोडवेज की दो बसें और धुमाकोट के लिए एक बस का संचालन किया गया।
कुंभ से वाहनों की वापसी के बाद भाबर की इस बस सेवा को पुन: संचालित किया गया। इस बीच 15 अप्रैल से जीएमओयू ने 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ किराया दोगुना करने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी और 26 अप्रैल से जिला प्रशासन की ओर जारी कोविड कर्फ्यू के दृष्टिगत अन्य सेवाओं के साथ इस बस सेवा को भी स्थगित कर दिया गया था। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कोविड कर्फ्यू के दौरान पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण थ्री व्हीलर और ई रिक्शा का संचालन नहीं होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। लोग लगातार झंडीचौड़ बस सेवा शुरू करने की मांग कर रहे थे।
भाबर में थ्री व्हीलर और ई रिक्शा संचालन सीमित मात्रा में होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। इसी के चलते बुधवार से झंडीचौड़ बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार को कोटद्वार डिपो से देहरादून के लिए दो और धुमाकोट के लिए एक बस सेवा संचालित की गई।
-टीकाराम आदित्य, एजीएम कोटद्वार डिपो।
कोरोना जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता से घटी सवारी
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी कर दी गई है। दुगड्डा बैरियर पर सख्ती के चलते पर्वतीय रूटों पर भी सवारियां कम होने लगी हैं। सवारियां कम होने का ही नतीजा है कि जहां पोखड़ा, जमेली बस सेवा गत तीन सप्ताह से बंद है, वहीं कई दिन सवारियों के अभाव में अन्य रूटों पर भी रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। सोमवार को भी पर्वतीय रूट पर महज एक बस बीरोंखाल के लिए संचालित हुई थी।