वर्ष 2005-06 में स्वीकृत घराट-मुंडला मोटर मार्ग का निर्माण न होने से भड़के ग्रामीणों ने सोमवार को यहां सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हिंदू पंचायती धर्मशाला से तहसील मुख्यालय तक नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। जुलूस-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने कोटद्वार तहसील परिसर में बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय हिंदू पंचायती धर्मशाला से शुरू हुआ ग्रामीणों का जुलूस नगर के मुख्य मार्ग झंडाचौक, बदरीनाथ मार्ग होते हुए नारेबाजी के साथ तहसील परिसर पहुंचा, जहां जुलूस जनसभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, राजेंद्र सिंह नेगी व गुड्डी देवी आदि ने कहा कि घाड़ क्षेत्र को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए घराट-मुंडला मोटर मार्ग के लिए वर्ष 2005-06 में तत्कालीन सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी थी और उसके बाद वन विभाग ने सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देते हुए 8.10 हेक्टेयर भूमि लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी थी।
सड़क के लिए वन विभाग द्वारा दी गई भूमि के बदले ग्रामीणों ने उतनी ही भूमि वन विभाग को दे दी थी। सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं, लेकिन उसके बाद भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया। इस कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य निर्माण के इतने सालों बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधा मोटर मार्ग की मांग को लेकर कई बार जुलूस व धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन सरकार उसके बाद भी ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रही है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस मौके पर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेेजा और शीघ्र ही सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन में गजे सिंह, कुंवर सिंह, त्रिलोक सिंह, कृृपाल सिंह, अन्नपूर्णा जोशी, रमेश भंडारी, सुमनलता, शशि देेवी, भरोसानंद, कुंवर सिंह, हरेंद्र सिंह, जसपाल, दर्शन सिंह, बलवान सिंह व नंदन सिंह आदि मौजूद रहे।