पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण जहां गदेरे उफान पर हैं वहीं पहाड़ों के टूटने से सड़क पर आ रहा मलबा लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। भूस्खलन के कारण मलबा आने से क्षेत्र की दस सड़कें ठप हो गई हैं। लोगों को कई किमी. की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
आपदा कंट्रोल रूम पौड़ी से मिले आकड़ों के अनुसार बारिश में भूस्खलन के चलते आए मलबे के कारण कुल्हाड़ बैंड-राजखिल-बुरासी-द्वारीखाल मोटर मार्ग, सतपुली-बरसूडी मोटर मार्ग, गैंडखाल-ढांसी मोटर मार्ग, थानखाल-भलगांव मोटर मार्ग, मथगांव संपर्क मोटर मार्ग, नालीखाल-बंचूरी-नैल-कपोल काटल मोटर मार्ग, हुनमंती- घोटा-उमल्दा मोटर मार्ग, देचोली-बंदरकोट-मरखोला-मवाना-चखली-कोटा-तिमलखोली-थमबदिया-नीलापुर-कदारमली मोटर मार्ग, मौंदाडी-बग्याली मोटर मार्ग और स्व. जगमोहन सिंह नेगी मोटर मार्ग मलबा आने से अभी तक यातायात के लिए बंद है।
जगदीश चंद्र लखेड़ा, पारेश्वर दत्त, राजेश्वरी देवी, राजेंद्र सिंह नेगी ने लोक निर्माण विभाग पर सड़कों को खोलने में सुस्त कार्यप्रणाली अपनाने का अरोप लगाया। कहा कि पिछले चार दिनों से सड़कों पर मलबा जमा हो रखा है, लेकिन उसे हटाया नहीं जा रहा है। कई सड़कों पर लोगों को कई किमी. पैदल चलना पड़ रहा है, लोग परेशान हैं।
उधर, लोक निर्माण विभाग के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, शीघ्र यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।