कोटद्वार। फोन पर अपने खाते, एटीएम, आधार कार्ड आदि की जानकारी अनजान व्यक्ति को देना सेवानिवृत्त कर्मी को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए लगातार दूसरे दिन खातेधारक के खाते में शेष बचे 8.78 लाख रुपये भी उड़ा लिए। पूरी जिंदगी की जमा पूंजी गवांए जाने से पीड़ित परिवार सदमे में है। पीड़ित का कहना है कि एसबीआई धुमाकोट में सूचना देने के बाद भी उनका बैंक खाता लॉक नहीं किया गया, जिससे ठगों ने खाते में शेष बचे 8.78 लाख रुपये भी उड़ा लिए।
रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत तोल्यूंडांडा में शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त क्लर्क सुरपाल सिंह रावत शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी हैं। उनका धुमाकोट एसबीआई में खाता है। बृहस्पतिवार को साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया था, तब खाते की पूरी जानकारी हासिल करते हुए दो घंटे के बीच दो ट्रांजेक्शन कर साढ़े दस लाख रुपये उड़ा लिए। शुक्रवार को साइबर ठगों ने एक बार फिर इसी खाते से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए 8.78 लाख रुपये भी निकाल लिए। ठगों ने उनका खाता शून्य कर दिया। सुरपाल सिंह रावत की पुत्रवधू बीरा देवी ने बताया कि उनके पति संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को ही शाम पांच बजे और रात को दस बजे एसबीआई के कस्टमर केयर में फोन कर उनके खाते से रकम निकलने की सूचना दी थी, लेकिन सूचना के बाद भी बैंक की ओर से केवल उनका एटीएम कार्ड लॉक किया गया। खाते को लॉक नहीं किया गया, जिससे साइबर ठगों ने शुक्रवार को यूनो एप के जरिए लॉग इन आईडी बनाई और उसमें ग्राहक का मोबाइल नंबर भी चेंज कर दिया। धनराशि की निकासी की बाद से उनके ससुर के मोबाइल फोन की आउट गोइंग काल भी बंद चल रही है।