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राम के तीर से रावण हुआ धराशायी

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सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ में आयोजित रामलीला में लक्ष्मण शक्ति का दृश्य। - फोटो : KOTDWAR
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स्नेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ में आयोजित रामलीला के नौवें दिन लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण और रावण वध का मंचन किया गया। भगवान राम जैसे ही रावण का खात्मा करते हैं, वैसे ही रामसेना में हर्ष की लहर छा जाती है। दर्शक भी इस मौके पर तालियां बजाकर भगवान राम के जय-जयकार करते हैं।
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नौवें दिन की रामलीला में राम सेना लंका पर चढ़ाई के लिए आगे बढ़ती है। मेघनाथ और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध होता है। अंत में मेघनाथ ब्रह्म अस्त्र का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देते हैं। सुसैन वैध के बताने पर हनुमान को संजीवनी बूटी लेने जाते हैं लेकिन संजीवनी की पहचान नहीं होने पर वे पूरा पर्वत ही उठा लाते हैं। सुसैन वैैध संजीवनी बूटी निकालकर लक्ष्मण की मूर्छा को तोड़ते हैं। इसके बाद लक्ष्मण और राम मिलकर मेघनाथ का वध करते हैं। इसके बाद कुंभकरण का वध होता है। अंत में रावण युद्ध के लिए आता है। भगवान राम का एक तीर रावण की नाभि में लगता है और रावण धराशायी हो जाता है। इस अवसर पर मुख्य संयोजक सतीश चंद्र, पदमेंद्र असवाल, जितेंद्र नेगी, मनीष रावत, अनिल बहुगुणा, रामपाल सैनी, अनिल बहुगुणा और मुकेश बहुगुणा आदि मौजूद थे।
सतपुली में निकली राम झांकी
श्रीरामलीला कमेटी के तत्वावधान में नगर में आयोजित 11 दिवसीय रामलीला मंचन का झांकी के साथ समापन हो गया। समापन पर नगर के मुख्य बाजार में भगवान राम सीता और लक्ष्मण की झांकी निकालकर प्रसाद वितरण किया गया। रामलीला मैदान से शुरू हुई झांकी नगर के मुख्य बाजार एवं मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान पर ही समाप्त हुई। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, मंच संचालक सत्यनारायण वेदी, कोषाध्यक्ष लोकेश वर्मा, निर्देशक अचलानंद डोबरियाल, बालेश्वर चौधरी, सुनील डंडरियाल, इंदु जुयाल आदि मौजूद थे। संवाद
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