ग्रास्टनगंज स्थित दशहरा मेला मैदान में इस साल तीनों कमेटियां रावण का पुतला दहन करेंगी। यह व्यवस्था एसडीएम योगेश मेहरा ने दी है। इससे पहले तहसील में रामलीला कमेटियों के पदाधिकारी श्री बाल रामलीला कमेटी के पुतला दहन को लेकर आपस में भिड़ गए, जिसके बाद प्रशासन ने पुन: तीनों रामलीला कमेटियों की बैठक ली।
तहसील प्रशासन ने रामलीला कमेटियों को मंचन की अनुमति दी। इसके बाद कमेटियों को ग्रास्टनगंज स्थित दशहरा मेला मैदान में पुतला दहन की अनुमति दी। शुक्रवार दोपहर मालवीय उद्यान और पुराने सिद्धबली मार्ग की रामलीला कमेटियों के पदाधिकारी तहसील में भिड़ गए। मालवीय उद्यान कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि दशहरा मेला मैदान छोटा है। तीसरी कमेटी को अनुमति देने से आयोजन करना मुश्किल होगा। उधर, श्री बाल रामलीला कमेटी पुराना सिद्धबली मार्ग के पदाधिकारियों का कहना था कि प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने रावण का पुतला भी खरीद लिया है। एसडीएम योगेश मेहरा ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में तीसरी कमेटी को पुतला दहन करने की अनुमति दी गई है।
डिजिटल युग में भी रामलीला देखने उमड़ रही भीड़
कोटद्वार। डिजिटल युग में भी लोगों में रामलीला के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ है। नगर की तीन प्रमुख रामलीला कमेटियों की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। दर्शकों की भीड़ के चलते रामलीला कमेटियों को सोशल डिस्टेंस बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। श्री रामलीला कमेटी मालवीय उद्यान के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल और महामंत्री धर्मवीर गुसाईं का कहना है कि रामलीला को आस्था के नजरिए से देखा जाता है। इस कारण रामलीला देखने में लोगों की रुचि बनी हुई है। वह बताते हैं कि तीन दिन से भीड़ बहुत हो रही है। कई दिन तो भीड़ रोकने के लिए गेट को बंद करना पड़ रहा है। संवाद