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मातृत्व अवकाश देने सहित तीन सूत्री मांगे उठाई

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अतिथि शिक्षक संगठन की वर्चुअल बैठक में प्रदेश सरकार पर अतिथि शिक्षकों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए इसका पुरजोर विरोध किया गया। इस दौरान महिला शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश देने, अंतर जनपदीय स्थानांतरण पर रोक लगाने और शिक्षकों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए नियमितीकरण की तीन सूत्री मांग की गई।
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बैठक में महिला शिक्षिकाओं ने कहा कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण करने की बात कर रही है, वहीं विभाग में कार्यरत अतिथि महिला शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश तक देय नहीं है। कहा कि 6 साल की सेवाएं देने के बाद भी अतिथि शिक्षक अस्तित्व विहीन हैं। प्रदेश सरकार ने अपने घोषणापत्र और राज्यपाल के अभिभाषण में अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य की बात कही गई थी, लेकिन चार साल का कार्यकाल पूूर्ण होने के बाद भी राज्य सरकार ने उनकी सुध नहीं ली है। कहा कि मूल जनपद और ब्लाकों के विद्यालयों में संबंधित विषय के पद रिक्त होने के बावजूद 15 हजार रुपये के अल्प वेतनमान में उनका स्थानांतरण दुर्गम जनपदों में किया जा रहा है। बैठक में उषा गुसाईं, रविंद्र रावत, प्रणव रावत, विकास रावत, विजय घिल्डियाल, बंदना, सपना, दिलीप, संगीता नैथानी समेत 15 जनपदों के दर्जनों अतिथि शिक्षकों ने शिरकत की।
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