कोटद्वार ब्रांच लाइन पर पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन जल्द सुचारू कराने में रेल अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। दरअसल, अब तक की कोशिशों में रेल अधिकारियों को 20.6 मीटर लंबा लोहे का गार्डर नहीं मिल सका है। इसके कारण रेल संचालन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
23 जुलाई को नजीबाबाद-कोटद्वार रेलमार्ग पर तड़के साढ़े चार बजे सुखरौ नदी पर बने रेल पुल का चौथा पिलर गिरने के बाद यातायात ठप हो गया। रेल पुल का चौथा पिलर गिरने से तीसरे व पांचवें पिलर पर एकाएक भार बढ़ गया है। रेलवे अधिकारी लोगों की समस्याओं को देखते हुए पुल की मरम्मत तक रेल का संचालन करने के लिए उस पर 20.6 मीटर लंबा गार्डर डालने की तैयारी में जुटे हुए हैं। हालांकि, विभाग ने पीडब्लूआई बिजनौर धर्मेंद्र चौहान के नेतृत्व में बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद, अमरोहा, हरिद्वार, रुड़की, देहरादून के रेल मजदूरों को पुल की मरम्मत में लगाया गया है। लेकिन, इसके बावजूद नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू होने की फिलहाल उम्मीद नहीं है।
पुल के टूटे पिलर के निर्माण तक रेल यातायात शुरू करने के लिए लंबे गटर की तलाश की जा रही है। गटर नहीं मिलने पर पिलर के निर्माण तक इंतजार करना पड़ेगा। इसमें एक माह का समय लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
- आरके मीणा, स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार