डीजीपी उत्तराखंड की घरों में छिपे हुए जमातियों को दी गई चेतावनी का असर कोटद्वार में भी दिखा। यहां गत फरवरी में धर्म प्रचार कर लौटे आठ जमातियों ने कोतवाली पुलिस को अपने नाम पते नोट कराए। स्वास्थ्य विभाग ने उनका मेडिकल कराया और सिमलचौड़ स्थित क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया। प्रारंभिक जांच में इन आठों जमातियों में कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
तहसीलदार डबल सिंह रावत ने बताया कि जमातियों को लेकर पुलिस और प्रशासन के सख्त रुख के बाद गाड़ीघाट और लकड़ीपड़ाव के आठ और जमातियों ने प्रशासन को गत फरवरी में लौटने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह गत वर्ष अक्तूबर में नजीबाबाद और धामपुर क्षेत्र में इस्लाम के प्रचार के लिए गए थे और इस साल फरवरी में लौटे थे। आठ जमातियों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश पर एहतियात के तौर पर सभी आठ जमातियों को बृहस्पतिवार को सिमलचौड़ स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में बने क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है।
नगीना, चांदपुर और दिल्ली के 39 जमातियों की रिपोर्ट नेगेटिव
कोटद्वार। निजामुद्दीन मरकज की घटना के बाद कोटद्वार के लकड़ीपड़ाव की दो मस्जिदों और घरों में तलाशे गए सभी 39 जमातियों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने से स्थानीय पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। तहसीलदार डबल सिंह रावत ने बताया कि गत एक अप्रैल को स्थानीय पुलिस व प्रशासन ने लकड़ीपड़ाव की दो मस्जिदों से 26 और पहाड़ के गांव लौट चुके 13 जमातियों को कोटद्वार के दो क्वारंटीन सेंटरों में भेजा था। उन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।