पर्वतीय ठेकेदार संघ से जुड़े ठेकेदारों ने बुधवार को तीसरे दिन भी उनके बिलों से रॉयल्टी और जीएसटी काटे जाने के विरोध में लोनिवि, और सिंचाई विभाग दुगड्डा में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार से राजकीय कार्यों में प्रपत्र एमएम-11 और प्रपत्र-जे की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। ठेकेदारों ने विरोध स्वरूप आपदा कार्य में लगी जेसीबी बुला ली हैं, जिससे लोनिवि को सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है।
ठेकेदारों ने बुधवार को तीसरे दिन भी सिंचाई खंड दुगड्डा व लोनिवि दुगड्डा कार्यालय में सांकेतिक तालाबंदी की। इस मौके पर पांच गुना रॉयल्टी व 2 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूलने और जीएसटी में बढ़ोत्तरी संबंधी शासनादेशों को वापस लेने की मांग की गई। संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जेसीबी को बुधवार से ही कार्यस्थल से हटाने का निर्णय लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों में उपाध्यक्ष किशोर लखेड़ा, वीरेंद्र नेगी, सचिव दिलवर सिंह, विनोद रावत, संयुक्त सचिव अनुज भट्ट, कोषाध्यक्ष राजीव कोठारी, दिनेश रावत, आशीष रावत, दीपक गुसाईं, विनयपाल सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी, सुरेश नैनवाल, इंद्रमोहन सिंह रावत आदि शामिल थे।