उत्तराखंड विकास समिति से जुड़े सदस्यों और पदाधिकारियों ने गृहकर स्वनिर्धारण अधिसूचना के विरोध में बुधवार को नगर निगम और तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार से जनहित में गृहकर स्वनिर्धारण अधिसूचना को वापस लेने की मांग की। साथ ही सीएम को ज्ञापन भेजा।
बुधवार को समिति के सदस्य और पदाधिकारी मेयर को ज्ञापन देने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे लेकिन मेयर कार्यालय में नहीं थी। समिति के सदस्यों ने गृहकर स्वनिर्धारण के विरोध में नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वे लोग तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने गृहकर स्वनिर्धारण अधिसूचना के विरोध में प्रदर्शन किया। तहसीलदार विकास अवस्थी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में गृहकर निर्धारण की पुरानी व्यवस्था आज भी लागू है। नगर निगम प्रशासन गृहकर स्वनिर्धारण की नीति प्रपत्र के बहाने जनता का उत्पीड़न कर रही है। इन अव्यवहारिक नीतियों से जनता गृह कर में वृद्धि का भार सहन करने में असमर्थ है। उन्होंने जनहित में गृहकर स्वनिर्धारण अधिसूचना को वापस लेने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में समिति के अध्यक्ष जानकी बल्लभ मैंदोला, सचिव विपुल उनियाल, संरक्षक हरीश खरक्वाल, उपाध्यक्ष विजय माहेश्वरी, संरक्षक गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल आदि शामिल रहे।