जीआईसी द्वारीखाल की एनएसएस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतिम दिन स्वयंसेवियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर प्रेरणा नेगी और पवन सिंह उत्कृष्ट स्वयंसेवी चुने गए।
शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि पीटीए अध्यक्ष कंचन रावत ने किया। प्रधानाचार्य रमाकांत डबराल ने एनएसएस स्वयंसेवियों से शिविर से प्राप्त अनुभवों का लाभ समाज तक पहुंचाने और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम अधिकारी विनोद भारद्वाज ने स्वयंसेवियों को सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन, नशा मुक्त उत्तराखंड, पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधे रोपित करने की शपथ दिलाई। महिला मंगल दल की अध्यक्ष प्रसन्ना पंवार और उनकी टीम ने गढ़वाली मांगल गीत और भजन की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता भारत सिंह, प्रमोद कुकरेती, डबल सिंह और गणेश सिंह आदि मौजूद रहे।
लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया
कोटद्वार। रोहित अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पदमपुर मोटाढांक के एनएसएस शिविर के समापन पर गढ़वाली लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। स्वयंसेवियों ने गढ़वाली लोकनृत्यों की प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
शिविर के अंतिम दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग प्रचारक चंद्रशेखर, वैदिक गुरुकुल महाविद्यालय कण्वआश्रम के संस्थापक डॉ. विश्व पाल जयंत, विद्यालय के प्रधानाचार्य कुंजबिहारी भट्ट और महाविद्यालय के प्राचार्य संजय नेगी ने किया। प्रधानाचार्य कुंज बिहारी भट्ट ने शिविर में अव्वल प्रदर्शन करने के लिए अरुण और प्रिंसी रावत को श्रेष्ठ स्वयंसेवी का पुरस्कार दिया। इसके अलावा प्रशंसनीय कार्य के लिए शौर्य डोबरियाल, श्वेता रावत, प्रियांशी डोबरियाल, गायत्री, निशा केमनी को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी गणेश प्रसाद भट्ट, सहायक अंजलि रावत, सुमन नेगी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवी श्वेता रावत ने किया। संवाद