पौड़ी जिले में आउटसोर्सिंग के माध्यम से राजस्व अनुसेवक के रूप में कार्यरत पीआरडी के जवानों ने 28 फरवरी से उन्हें सेवा से हटाने के फरमान पर नाराजगी जताई है। पीआरडी जवानों ने जिला प्रशासन और सरकार से उन्हें राजस्व अनुसेवक के रिक्त पदों पर पूर्व की भांति तैनाती देने की गुहार लगाई है।
शुक्रवार को यहां बुद्धा पार्क में हुई प्रांतीय रक्षक दल वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में जिला प्रशासन के उस फरमान पर नाराजगी जताई गई, जिससे जिले में कार्यरत 108 पीआरडी के जवानों को राजस्व अनुसेवक के पदों से हटा दिया गया है। संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार और उपाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि सरकार ने पौड़ी जिले में राजस्व पुलिस संवर्ग में राजस्व निरीक्षक और राजस्व उपनिरीक्षक के सहायतार्थ आउटसोर्सिंग के माध्यम से मार्च 2015 में तैनाती दी थी।
तब से पीआरडी के जवान राजस्व विभाग और प्रशासन में बेहतर कार्य कर रहे थे। दो साल बाद अचानक एक फरमान निकालकर जिले में रिक्त राजस्व अनुसेवकों का कार्य कर रहे 108 पीआरडी जवानों को 28 मार्च को सेवा से पृथक कर दिया गया है, जिससे पीआरडी जवान और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन ने अपनी तहसीलों और एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी से पुन: तैनाती की गुहार लगाई है।
बैठक में विनोद कुमार, सत्यपाल सिंह नेगी, यशपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, चंद्रप्रकाश, अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह, मनीष पोखरियाल, दिलवर सिंह, सुबोध कुमार, अनिल प्रकाश व प्रदीप रावत समेत कई जवान शामिल थे।