श्रीनगर। सरकारी और गैर सरकारी पालीटेक्निक संस्थान प्रबंधन छात्र-छात्राओं से अब नकद शुल्क नहीं पाएंगे। अखिल भारतीय प्राविधिक शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रबंधन को सिर्फ नेट बैंकिंग से शुल्क लेने के निर्देश दिए हैं। एआईसीटीई ने एडवांस शुल्क लेने पर भी नाराजगी जताते हुए वर्तमान कक्षा/सेमेस्टर का ही शुल्क लेने के लिए कहा है।
बताया जा रहा है कि एआईसीटीई में शिकायत पहुंची हैं कि कुछ पालीटेक्निक संस्थान छात्र-छात्राओं से पूरे पाठ्यक्रम का शुल्क एडवांस में एक साथ नकद धनराशि के रुप में ले रहे हैं। इसके अलावा कतिपय छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने नोटबंदी के बाद पूरा शुल्क 500 और 1000 रुपये के नोट में जमा करा दिया है। इसे देखते हुए विगत 21 दिसंबर को एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. आलोक प्रकाश मित्तल ने सभी संस्थानों के लिए नोटिस जारी किया है। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के उत्तराखंड के संयुक्त निदेशक देशराज ने बताया कि एआईसीटीई ने संस्थानों को किसी भी दशा में एडवांस शुल्क न लेने की सलाह दी है। संस्थानों को सिर्फ वर्तमान सत्र का शुल्क नेट बैंकिंग से लेने के लिए कहा गया है। कहा ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ एआईसीटीई नियमों के तहत कार्रवाई के साथ एआईसीटीई संस्थान की मान्यता भी रद्द कर सकता है।