शहर में शराब की दुकान का विरोध कर रही महिलाएं बृहस्पतिवार को दुकान के आगे धरना पर बैठने लगीं तो पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें वहां से हटा दिया। शराब विरोधियों ने भी इस मामले मेें कोर्ट जाने का फैसला किया है।
श्रीनगर में शराब की दुकान के अलकेश्वर घाट के समीप शिफ्ट होने के बाद से विवाद चल रहा है। पूर्व में दुकान खोलने की कोशिश की गई, लेकिन विरोध के चलते खुल नहीं पाई। इस मामले में दुकान अनुज्ञापी राकेश रावत हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने एसएसपी पौड़ी और कोतवाल श्रीनगर को अनुज्ञापी और सेल्समैन को दुकान के अंदर बैठने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए। इसके बाद बुधवार रात आठ बजे से दुकान खुल गई।
बृहस्पतिवार को पौड़ी से बिजाल संस्था की अध्यक्ष सरिता नेगी और अधिवक्ता अशोक बिष्ट ने महिलाओं के साथ दुकान के आगे जाकर धरना देने की कोशिश की, लेकिन कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने महिलाओं से हटने का अनुरोध करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। वह इसमें बाधक न बनें। बिष्ट का कहना था कि पुलिस अपनी ओर से आदेश की व्याख्या कर रही है।
वह विरोध करने से नहीं रोक सकती है। विरोध के बावजूद जबरन शराब बिकवाई जा रही है। वह कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इससे पूर्व यहां शराब की दुकान बंद थी तो अनुज्ञापी या सेल्समैन को कैसे धमकाया जा सकता है। बाद में पुलिस ने ग्राहकों और विक्रेताओं को छोड़कर सभी को दुकान के आगे से हटवा दिया।