नगर निगम के झूलाबस्ती स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में एनजीटी की फटकार के बाद भले ही शहरवासियों को पुराने कूड़े के ढेर से निजात मिल गई है, लेकिन नए क्षेत्रों से हो रहे कूड़ा उठान ने एक बार फिर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। वहीं हल्दूखाता में आवंटित नए ट्रंचिंग ग्राउंड के भूमि हस्तांतरण में अभी कई पेच फंसे हुए हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि वह कई बार कूड़े की दुर्गंध से निजात दिलाने के लिए नगर निगम प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए हल्दूखाता में भूमि स्वीकृत होने के बाद भी शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। जिससे झूलाबस्ती, गाड़ीघाट के साथ ही खोह नदी के पार वाले इलाके रतनपुर, कुंभीचौड़ के ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है। स्थानीय निवासी दीपक पांडे, महेंद्र पाल सिंह, विनीता मैंदोला, बसंती कुकरेती का कहना है कि गर्मियों में क्षेत्रवासियों का जीना दूभर हो जाता है। नगर पालिका के समय का डंप कूड़ा अब भी पूरी तरह से निस्तारित नहीं हो सका है।
झूलाबस्ती स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में लग रही आग को देखते हुए वहां पानी के दो टैंकरों की व्यवस्था की गई है। ताकि स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न हो। हल्दूखाता में आवंटित वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान है।
- केएस नेगी, नगर आयुक्त कोटद्वार।