दुगड्डा/सतपुली/कोटद्वार। तेज बारिश के दौरान कोटद्वार से दुगड्डा के बीच तीन जगह भूस्खलन हुआ। रास्ते पर मलबा आने के कारण आधी रात से सुबह तक हाईवे का यातायात ठप रहा। एनएच खंड की ओर से पोकलेन और जेसीबी लगाकर हाईवे का यातायात सुचारू कराया गया।
बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार रात भी तेज बारिश हुई। इससे कोटद्वार से दुगड्डा के बीच कुछ डेंजर जोन क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर पहाड़ से मलबा आया। कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आमसौड़ में स्थित दोनों ढाबों के बीच काफी मात्रा में पहाड़ से मलबा आया था। वहीं, पांचवें मील रपटे के पास दो स्थानों पर काफी मात्रा में मलबा आने से हाईवे बाधित रहा जिससे आधी रात से हाईवे से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। कोटद्वार-दुगड्डा के बीच अलग-अलग जगहों पर वाहनों की कतारें लग गईं।
एनएच खंड धुमाकोट की पोकलेन और जेसीबी से मार्ग से मलबा, बोल्डर व चट्टानें हटाने का काम शुरू किया गया। सुबह 6:30 बजे के बाद मलबा हटने से यातायात सुचारू हो सका। एनएच खंड के जेई आशीष सैनी ने बताया कि तेज बारिश के कारण भूस्खलन होने से आमसौड़ में दोनों ढाबे के बीच, पांचवें मील रपटे के पास दो जगह राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। सूचना मिलते ही अवरोधों को हटाने की प्रकिया शुरू कर दी गई थी। सुबह साढ़े छह बजे तक मलबा हटाकर राजमार्ग को खोल दिया गया।
वहीं, सतपुली में नयार घाटी क्षेत्र में 24 घंटों से रुक-रुककर हो रही बारिश से बृहस्पतिवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। हाईवे पर गुमखाल-सतपुली के बीच कुल्हाड़ के निकट देर रात मलबा आने से मार्ग सुबह साढ़े नौ बजे खुल पाया। अपराह्न करीब तीन बजे सतपुली मल्ली में मलबा आने से मार्ग करीब आधा घंटे तक बंद रहा। क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से पूर्वी नयार, पश्चिमी नयार एवं मधु गंगा नदियां भी उफान पर हैं। वहीं, बारिश के चलते सतपुली में सन्नाटा पसरा है।