स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत विकासखंड पौड़ी को वर्ष 2016 में सौ फीसदी शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को विकासखंड सभागार में हुई बैठक में न्याय पंचायत स्तर पर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ संबंधित पंचायतों के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में 10 शौचालयों के निर्माण से अधिक का लक्ष्य है, उन्हें स्वजल के साथ अनुबंध के आधार पर प्रेरित किया जाय। सर्वे से छूटे शौचालयविहीन परिवारों को मनरेगा के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए चयनित किया जाय।
संबंधित नोडल अधिकारी/कर्मचारियों को 9 और 10 सितंबर में संबंधित नोडल अधिकारी/कर्मचारियों को ग्राम पंचायतवार बैठक का आयोजन कर वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश जारी किए गए।
कुछ पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए घर के निकट भूमि उपलब्ध न होने के संबंध में चर्चा की गई, जिसमें जिला विकास अधिकारी की ओर से पंचायत की सार्वजनिक भूमि में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
ज्येष्ठ प्रमुख पौड़ी ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे अपनी पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। बैठक में खंड विकास अधिकारी, पंचायतीराज विकास अधिकारी, उद्यान अधिकारी, स्वजल के सलाहकार अनिल कुमार ढौडियाल, प्रकाश खुल्बे, रणजीत सिंह बर्थवाल आदि मौजूद थे।