पौड़ी। ब्लाक की बीडीसी बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली व सड़क आदि बुनियादी समस्याओं पर जन प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन के कामों पर प्रश्न चिह्न लगाए। जन प्रतिनिधियों की ओर से विभागों पर विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने तथा जन प्रतिनिधियों की मांगों पर कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई। उन्होंने बैठक से नदारद रहने वाले अधिकारियों की शिकायत सीडीओ से की। सीडीओ ने नदारद अधिकारियों के स्पष्टीकरण तलब किए हैं।
ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता ब्लाक प्रमुख संतोषी देवी रावत ने की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने की। बैठक के शुरू होते ही जन प्रतिनिधियों ने सबसे पहले नदारद अधिकारियों की शिकायत सीडीओ से की। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी आमंत्रित करने के बाद भी बैठकों में नहीं आते। तमलाग क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहर नेगी ने कंडोलिया-कालेश्वर-ल्वाली मोटर मार्ग, कांडई मल्ली के प्रधान ने टेका-केवर्स मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति की शीघ्र सुधार करने की मांग उठाई। श्रीनगर क्षेत्र के उफल्डा ग्राम प्रधान अनीता देवी ने कहा कि कीर्तिनगर पुल की टूटी नालियों से गंदा पानी घरों में घुस रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों को बताने के बाद भी समस्या जस की तस है।
अमकोटी के ग्राम प्रधान संतलाल, थपलियाल गांव की रतना देवी, डोभा की अनीता देवी, कांडई मल्ली की क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला देवी व मुकेश डोभाल आदि ने क्षेत्र की समस्याओं का समाधान न होने की शिकायत सदन में रखी। सांसद प्रतिनिधि राकेश रूडोला ने कहा कि जल महकमे की ओर से लगाए जा रहे हैंप पंपों में करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं, जबकि एक हैंडपंप लगाने की कीमत दो लाख के करीब है। विभाग बिना सर्वे के गलत जगहों पर हैंड पंप लगा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में घरों के ऊपर झूलती बिजली की तारों व जर्जर पोलों को बदलने की मांग उठाई। इस मौके पर ज्येष्ट प्रमुख हरदयाल सिंह पटवाल, कनिष्ठ प्रमुख गीता देवी रावत आदि मौजूद थे। संचालन बीडीओ भाष्करानंद भट्ट ने किया।
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ल्वाली झील निर्माण को लेकर हुई जमकर बहस
पौड़ी। तमलाग के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहर नेगी ने 2009 में प्रस्तावित झील के निर्माण में आज तक पांच फीसदी भी काम न होने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि सात सालों में सिंचाई विभाग झील का डीपीआर तक नहीं बना पाया है, जबकि सिंचाई खंड श्रीनगर के एई पीआर चमोली का कहना है कि डीपीआर, मिट्टी की जांच, रॉक टेस्टिंग व ड्रिलिंग आदि की रिपोर्ट आईआईटी रुड़की की ओर से की जानी है। करीब साठ करोड़ की लागत से बनने वाली झील के लिए सभी बुनियादी जानकारियां जुटाने के लिए काम किया जा रहा है।
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आधा दर्जन से अधिक विभाग रहे नदारद
पौड़ी। जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित ब्लाक की बीडीसी बैठक में जिला विकास अधिकारी, ऊर्जा निगम श्रीनगर, वन विभाग, आरईएस, स्वास्थ्य विभाग पौड़ी, जिला पूर्ति अधिकारी, दुग्ध विभाग, सिंचाई विभाग पौड़ी, डीपीआरओ के विभागाध्यक्ष व प्रतिनिधि नदारद थे। सीडीओ डा. विजय कुमार जोगदंडे ने इन विभागों के स्पष्टीकरण तलब किए हैं।