कोटद्वार/रिखणीखाल। विकासखंड रिखणीखाल के ग्राम पंचायत गुठेर्ता के कोटा तल्ला और आसपास के क्षेत्र में दूसरे गुलदार की धमक बनी हुई है। गुलदार आबादी और खेत खलिहानों तक चहलकदमी कर रहा है, जिससे क्षेत्रवासी काफी डरे सहमें हुए हैं। वन विभाग का शिकारी दल व पैट्रोलिंग टीम क्षेत्र में दिन रात गश्त कर रही है।, उधर, हमलावर गुलदार को गोली मारने के आदेश विभाग को मिल गए हैं। शिकारी दल को सही लोकेशन मिलने का इंतजार है।
गढ़वाल वन प्रभाग के एसडीओ पवन नेगी ने बताया कि गुलदार प्रभावित तोक गांव कोटा तल्ला में 19 अगस्त को हुए हमले के बाद से ही वन विभाग की टीम तैनात है। 26 अगस्त की सुबह एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया था। उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसके सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूआईआई) देहरादून भेजे गए हैं। बताया कि पकड़ा गया आठ साल का स्वस्थ्य नर है। उसके सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे को निवाला बनाने वाले गुलदार की पहचान पुष्ट हो सकेगी। बुधवार की शाम और बृहस्पतिवार सुबह कोटा तल्ला में घटना स्थल के पास उसकी मूवमेंट देखी गई है। सूचना मिलते ही वह खुद शिकारी दल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी शोर होने के कारण गुलदार की लोकेशन ठीक नहीं पाई गई। वन विभाग को उच्चाधिकारियों की ओर से गोली मारने के आदेश प्राप्त हो गए हैं। प्रथम दृष्टया यह प्रयास किया जा रहा है कि गुलदार पिंजरे में कैद हो जाय। बारिश के कारण भी अभियान में बाधा पहुंच रही है। लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है।
उधर, बयेला मल्ला के प्रधान व ब्लाक कांग्रेस कमेटी रिखणीखाल के अध्यक्ष प्रमोद रावत, गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी, ग्रामीण मनोज सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दो गुलदार एक साथ नजर आ रहे हैं, जिससे बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है। अभिभावक खुद बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से वन विभाग पर दूसरे गुलदार को पकड़ने अथवा गोली मारने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया कि 19 अगस्त की शाम को पांच साल के बच्चे आदित्य की मौत के बाद से लोगों में दहशत बनी है। उनेरी ग्राम पंचायत की प्रधान शोभा देवी ने रेंज अधिकारी को पत्र लिखकर गुलदार के दिनदहाड़े घर आंगन व खेत खलिहानों में धमकने की सूचना दी है।