निर्माण की गति धीमी होने से नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पा रहे कार्यालय, बनी है खतरनाक स्थिति
कोटद्वार। रोडवेज डिपो का पुराना जर्जर भवन गिरने के कगार पर पहुंच गया है। अंतिम चरण में पहुंचे नए भवन के निर्माण की गति धीमी होने से पुराने भवन से कार्यालयों को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
दो दिन से क्षेत्र में तेज बारिश हो रही है। शहर के काफी हिस्से के पानी की निकासी कोटद्वार रोडवेज डिपो के बाहर नाले से होती है। काफी पानी सड़क से ही बहकर आगे बढ़ जाता है। रोडवेज डिपो का भवन गहरे स्थान में और ढालनुमा क्षेत्र होने से यहां बारिश का पानी भर जाता है। डिपो के पुराने भवन की दीवारों व छतों में दरारें पड़ चुकी हैं। कई जगहों से मलबा गिर रहा है। कार्यालय में पानी भरने से कामकाज ठप होना आम हो गया है। इस समय बरसात पानी डिपो परिसर में भरने और छत से पानी टपकने व दीवारों से काफी रिसाव होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पुराने भवन के पीछे डिपो की कार्यशाला और खाली स्थान पर डिपो के नए भवन का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंचने के बाद काम की गति काफी धीमी हो चुकी है। इससे पुराने भवन में संचालित कार्यालय नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि निर्माण इकाई के अवर अभियंता विपुल पोखरियाल ने इसी सप्ताह यानि रविवार तक कार्यालयों को नए भवन में शिफ्ट करने की बात कही है। वहीं, डिपो के एआरएम अनुराग पुरोहित ने बताया कि अभी नए भवन में काफी काम होना शेष है। फिलहाल नए भवन में शिफ्ट होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।