कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में अब दो निश्चेतक उपलब्ध होंगे। हरिद्वार से एक अस्थायी निश्चेतक को बेस अस्पताल से संबद्ध करने के साथ ही यहां अगस्त्यमुनि से स्थायी निश्चेतक की तैनाती भी कर दी गई है। अब सभी तरह के ऑपरेशन निर्बाध रूप से किए जा सकेंगे। मरीजाें को ऑपरेशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
राजकीय बेस अस्पताल के वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. एसडी आर्य 30 जून 2024 को सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद से अस्पताल में निश्चेतक का अभाव होने के कारण ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। हरिद्वार से बेस अस्पताल कोटद्वार में संबद्ध किए गए अस्थायी निश्चेतक डॉ. रित्विक रजत ने शुक्रवार को ज्वाइन किया था। शनिवार को अगस्त्यमुनि से स्थायी निश्चेतक डॉ. अलीशा कटवाल को भी तैनाती दी गई। अब अस्पताल में दो निश्चेतक उपलब्ध होंगे। हालांकि 300 बेड के बेस अस्पताल में निश्चेतक के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन अस्पताल 11 महीनों में कई बार निश्चेतक विहीन हुआ। जिससे ऑपरेशन बंद होने पर मरीजों को दूरदराज क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
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अब निश्चेतकों के आवास का प्रबंध बना चुनौती
राजकीय बेस अस्पताल प्रशासन की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं। दरअसल अस्पताल को उपलब्ध कराए गए दो निश्चेतकों के लिए यहां आवास उपलब्ध नहीं हैं। दो बहुमंजिला इमारतों में 20 आवास ही उपलब्ध हैं। जिनमें चिकित्सक रह रहे हैं। अस्पताल में कार्यरत अन्य स्टाफ निजी एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं में रह रहा है। अस्पताल को मिले दो निश्चेतकों के ठहरने के लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
निश्चेतकों के रहने के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था जुटाई जा रही है। अस्पताल परिसर में एक और आवासीय बहुमंजिला इमारत निर्माणाधीन है। उसका निर्माण पूरा होने पर कुछ हद तक राहत मिलेगी। -डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल कोटद्वार