ग्रामीण निर्माण विभाग घनसाली खंड की कार्यप्रणाली से कीर्तिनगर के मालगड्डी गांव के लोग हैरान हैं। विभाग ने खाली तोक-मालगड्डी मोटर मार्ग के निर्माण की निविदा आवंटित कर दी। जबकि अब तक नापभूमि हस्तांतरण की पत्रावलियां तैयार नहीं हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक दबाव में विभाग ने निविदाएं आमंत्रित की हैं। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए विभाग के एई और जेई ने निविदा निरस्त करने का अनुरोध किया था, लेकिन विभाग ने इसके बावजूद निविदा आमंत्रित कर दी।
ग्रामीण विकास विभाग ने 22 जून को धद्दी-सेरा मार्ग के किमी 1.5 (खाली तोक) से करीब सवा तीन किमी लंबे मार्ग के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की। यह मार्ग मालगड्डी गांव को यातायात से जोड़ रहा है। 8 जुलाई निविदाएं खुलकर आवंटित कर दी गई।
निविदा आमंत्रित करने के एक हफ्ते बाद विभाग के अधिशासी अभियंता ने भूमि संबंधी पत्रावालियों के निस्तारण के निर्देश दिए। गांव में गए एई और जेई के समक्ष लोगों ने रोष जताते हुए सवाल उठाया था कि विभाग टेंडर निकालने के लिए इतना आतुर क्यो हैं? जबकि खेतों मेें अभी फसल उग रही है। उसको कटने में अक्तूबर माह तक का समय लगेगा।
जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी बताती हैं कि वन भूमि हस्तांतरित नहीं हुई है और नापभूमि की पत्रावलियां भी तैयार नहीं है। ऐसे में सड़क निर्माण के टेंडर जारी होना आश्चर्यजनक है।
सड़क ग्रामीणों के लिए बनती है। जबरदस्ती कोई काम नहीं किया जाएगा। कई बार टेंडर और भूमि हस्तांतरण प्रक्रियाएं साथ-साथ चलती हैं। सड़क का निर्माण नाबार्ड के सहयोग से हो रहा है। उसका ब्याज सहित कर्ज वापस लौटाना पड़ता है। ऐसे में कागजी प्रक्रियाओं में देरी उचित नहीं है। - वाईडी पांडे, मुख्य अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग