पौड़ी। खिर्सू-खेड़ाखाल मोटर मार्ग में तीन महीने पहले हुआ डामरीकरण उखड़ गया है। चार करोड़ 72 लाख की धनराशि से निर्मित इस मोटर मार्ग का डामर एक बरसात भी नहीं झेल पाया। ग्रामीणों का कहना है कि 16 किलोमीटर तक डामर हुए इस मोटर मार्ग पर सरकारी धन की बंदरबांट हुई है। डामर की गुणवत्ता ऐसी है कि वाहनों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से निर्माण कार्य की जांच करने की मांग उठाई।
जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर पर्यटक स्थल खिर्सू स्थित है। जून महीने में पीएमजीएसवाई श्रीनगर ने खिर्सू बैंड से मोल्ठा बाजार तक 16 किमी तक इस मोटर मार्ग पर डामरीकरण का कार्य शुरू किया गया। 472.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह मोटर मार्ग एक बरसात भी नहीं झेल पाया है। इस मोटर मार्ग की स्थिति ऐसी हो गई है कि पता नहीं चल रहा कि यहां कभी डामर भी हुआ। क्षेत्रवासी महादेव बहुगुणा, राजूलाल, दिनेश, गजेंद्र सिंह, भागवत सिंह व देवेंद्र सिंह आदि का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने पुराने डामर को उखाड़कर उसी को दोबारा सड़क पर बिछा दिया। इसके चलते सड़क का ब्लैक टॉप बेहद कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने गुणवत्ता को ताक पर रखकर कार्य किया है। एक किलोमीटर पर कहीं 16 तो कहीं 5-5 स्कवर बना दिए। सड़क के किनारे नालियों का निर्माण तक नहीं किया गया है।
इस मोटर मार्ग पर स्थित पंय्यापाली, बुदेशु, पोखरी, मंगलाकोटी, गौली, भंडाई, चोराकंडी, मोल्ठा, घारखोला, खेड़ाखाल, खांखरा समेत दर्जनों गांव के लोग हिचकोले खाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि मार्ग में बेतरतीब फैली रोड़ी से वाहन रपट रहे हैं। कई बार वाहन पंचर भी हो गए हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर निर्माण कार्य की जांच करने की मांग उठाई है।
भारी बरसात के चलते डामर उखड़ गया है। बरसात रुकने के बाद इस पर फिर से कार्य किया जाएगा
-मनोज कुमार अधिशासी अभियंता पीएचजेएसवाई श्रीनगर