जनपद में 103 बेसिक स्कूलों में पेयजल सुविधा नहीं है। इनमें पढ़ रहे हजारों विद्यार्थी इन दिनों तपती गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पानी की सुविधा नहीं होने से मिड डे मील बनाने में काफी दिक्कतें आ रही है।
पौड़ी जिले में 1595 प्राथमिक और 286 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से 84 प्राथमिक और 19 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पानी की सुविधा नहीं है। पेयजलविहीन इन स्कूलों में प्राथमिक विद्यालय पांचाली, नौली समेत 14 विद्यालय ऐसे हैं जो पेयजल सुविधा से तो जुड़े हैं, लेकिन इनकी लाइनें क्षतिग्रस्त होने से उनमें पानी नहीं आ रहा है। प्राथमिक विद्यालय कलुण, भैसोड़ा समेत 42 विद्यालयों के समीप पेयजल स्रोत नहीं होने से विद्यालयों तक पानी पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है।
प्राथमिक विद्यालय धूराताल, खलडपाड़ी, भैड़गांव समेत आठ विद्यालयों के समीप पेयजल स्रोत तो हैं, लेकिन बजट नहीं मिलने से योजना नहीं बन पा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक एमपी उनियाल का कहना है जिले के पेयजल विहीन स्कूलों की सूची जल संस्थान को मुहैया कराई गई है।
थलीसैण में हैं सबसे ज्यादा दिक्कत
पौड़ी। जिले में पेयजल सुविधा से वंचित सर्वाधिक 13 बेसिक स्कूल थलीसैण ब्लाक में हैं। पाबौ और द्वारीखाल ब्लाक में 11-11, पोखड़ा, दुगड्डा, यमकेश्वर, रिखणीखाल, बीरोंखाल ब्लाकों में आठ-आठ, नैनीडांडा में छह, जयहरीखालमें पांच, कल्जीखाल, एकेश्वर में चार-चार, कोट और पौड़ी ब्लाक में तीन विद्यालयों में पानी नहीं है।
जिले में पेयजल सुविधा से वंचित स्कूलों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ स्कूलों में पानी उपलब्ध भी कराया गया जा चुका है। जिन विद्यालयों के समीप जल स्रोत उपलब्ध नहीं है, जिनमें स्रोत काफी दूर है उन्हें दिखाया जा रहा है। -प्रवीन कुमार सैनी अधिशासी अभियंता जल संस्थान पौड़ी