शहर की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। शहर में कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने के लिए पालिका ने लाखों रुपयों की लागत से फॉगिंग मशीन तो खरीदी पर कीटनाशक दवाई का इंतजाम पालिका नहीं कर पा रही है। इससे मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
सफाई कार्य में लगने वाला ट्रैक्टर एक टायर खराब होने से साल भर से गैरेज में जंग खा रहा है। टायर बदलने के लिए पालिका के स्वास्थ्य अनुभाग के पास पैसे नहीं है। सफाई कर्मचारी कैसे सफाई में जुटें, उनके पास मास्क और दस्ताने नहीं है।
पालिका के पास सफाई का बजट नहीं होने से यह स्थिति पैदा हुई है। पालिका का स्वास्थ्य अनुभाग संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है। सफाई व्यवस्था में उपयोग होने वाले संसाधन नगर पालिका के कबाड़ की शोभा बढ़ा रहे हैं।
पालिका के पास बजट तो है, पर सफाई के लिए पैसा नहीं है। 14वें वित्त आयोग से कोटद्वार पालिका को विकास कार्यों के लिए 41 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। पालिका बोर्ड जेसीबी मशीन, प्रकाश व्यवस्था पर तो भारी बजट खर्च कर रहा है, पर स्वास्थ्य अनुभाग को शहर की सफाई के लिए धेला भी नहीं दिया गया है।
यह है स्वास्थ्य अनुभाग की जरूरत
स्वास्थ्य अनुभाग को सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए तत्काल 10 बड़े रिक्शे, 20 सिंगल टायर कूड़ा गाडी, 50 कूड़ा उठाने की फब्तियां, 100 दस्ताने, 100 मास्क, 500 लीटर फिनायल, 500 लीटर तेजाब और 200 लीटर कीटनाशक की आवश्कता है।
यह बात सही है कि सफाई अनुभाग के पास संसाधनों की कमी बनी हुई है, अनुभाग की ओर से सामान की डिमांड भी आई है। सफाई के बजट के मुद्दे को अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
अमरजीत कौर, ईओ नगर पलिका कोटद्वार