राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में आयोजित सीटीई कार्यशाला में बोलते वक्ता।
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में सीटीई के तत्वावधान में अनुसंधान विधियों पर आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन मनरेगा, सरकारी नीतियों और हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार को रोकने पर चर्चा की गई।
शनिवार को महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला के प्रथम सत्र की शुरुआत डॉ स्वाती के प्रजेंटेशन के साथ किया। उन्होंने अपने प्रजेंटेशन में गुणात्मक अनुसंधान के विषय में विस्तार से चर्चा की। साथ ही गुणात्मक शोध हेतु एक विधि के रूप में अंतर्वस्तु पर भी प्रकाश डाला।
अगला सत्र डॉट अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप के तहत जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त डॉ राजीव वर्मा ने प्रारंभ किया। उन्होंने अपने प्रजेंटेशन में सामाजिक विज्ञान में नवीन शोध की विधियों को उद्घाटित किया। उन्होंने नूतन तकनीक प्रोसेस नेट मैपिंग के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को शोध के दौरान किस तरह मापा जाए इस पर फोकस किया। इसमें उन्होंने मनरेगा, सरकारी नीतियों और हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार को रोकने जैसे कई बिंदुओं पर चर्चा की। तीसरे सत्र में एमटी यूनिवर्सिटी नोएडा के प्रोफेसर हरीश कुमार ने क्रियात्मक अनुसंधान की बारीकियों को बताया और शोध प्रस्ताव बनाना सिखाया। इसके पश्चात समापन सत्र में कार्यशाला समन्वयक ने तीन दिन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अंत में डा. डी एम शर्मा और सीटीई समन्वयक डॉ अमित कुमार जायसवाल ने कार्यक्रम का समापन किया।