शहर में पानी की समस्या गहराने लगी है। अपर चोपड़ा, पौड़ी गांव मोहल्ला, न्यू विकास कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों को प्यास बुझाने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। पानी की आपूर्ति आवश्यकता से बहुत कम की जा रही है।
बता दें कि केवल पौड़ी शहर में छह एमएलडी पानी की जरूरत है जबकि आपूर्ति केवल चार एमएलडी हो रहा है। शहर में पानी की आपूर्ति के लिए तीन पेयजल योजनाएं बनी हैं। इनमें से दो पंपिंग और एक ग्रेविटी वाली नानघाट योजना शामिल है। इसके बाद भी यहां लोगाें को पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है।
न्यू विकास कॉलोनी निवासी कमला नेगी बताती हैं कि उनके मोहल्ले में पिछले कई दिनों से नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कभी दूसरे दिन तो कभी केवल आधा घंटा पानी आता है जिससे लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पौड़ी गांव मोहल्ला, अपर चोपड़ा समेत कई अन्य जगहों में यही स्थितियां बनी हुई हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार सैनी कहते हैं कि शहर की तीनों पेयजल योजनाओं से कम पानी की आपूर्ति हो रही है। इनमें श्रीनगर में अलकनंदा नदी के तट से बनी पंपिंग योजनाओं से 3.5 एमएलडी और नानघाट योजना से मात्र आधा एमएलडी पानी ही पहुंच पा रहा है। नानघाट योजना से पानी कम आने के कारण शहर के कई जगहों में नियमित आपूर्ति करना चुनौती बना है। दूसरी तरफ जल निगम निर्माण शाखा की अधिशासी अभियंता निशा सिन्हा जल संस्थान के दावे को निराधार बता रही हैं। उनका कहना है कि नानघाट योजना से रोज डेढ़ से दो एमएलडी पानी आ रहा है।
नानघाट योजना का होगा संयुक्त निरीक्षण
पौड़ी। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी मंगलवार को नानघाट योजना का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार ने बताया कि निरीक्षण में उनके अलावा जल निगम की अधिशासी अभियंता निशा सिन्हा व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अंतर्गत नानघाट स्रोत, पंपिंग प्लांट का निरीक्षण किया जाएगा। योजना से पानी कम आने के कारणों का पता लगाया जाएगा।