डेढ़ से दो किमी दूर स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर
कोटद्वार। नैनीडांडा ब्लॉक के तहत ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण नैनीडांडा पंपिंग पेयजल योजना पिछले चार दिनों से ठप पड़ी है। इससे हल्दूखाल क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को डेढ़ से दो किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों से सिर पर पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम और पेयजल निगम के अधिकारियों से ट्रांसफार्मर की खराबी दूर कर जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नैनीडांडा पंपिंग पेयजल योजना से हल्दूखाल, बियासी वल्ली, बियासी पल्ली, बवाणी, बुढ़ाकोट, चामसैंण, मिरवाड़ी, उम्टा, सिमली, सुंदरोली, सिलवेड़ा और केलधार समेत कई गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। पिछले चार दिनों से योजना बंद होने के कारण ग्रामीणों को प्राकृतिक स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को उठानी पड़ रही है। आरोप लगाया कि अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद अभी तक ट्रांसफार्मर की खराबी दूर नहीं की गई है।
ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण योजना का संचालन ठप है। ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
- अजय बेलवाल, ईई पेयजल निगम द्वितीय शाखा कोटद्वार।
ट्रांसफार्मर काफी बड़ा है और बारिश में उसे नीचे उतारने में दिक्कतें आ रही थी। देर शाम तक नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
- बेगराज सिंह, ईई विद्युत वितरण खंड नैनीडांडा।