मसूरी एक्सप्रेस का संचालन पूर्व की भांति कोटद्वार तक करने की मांग को लेकर नगर उद्योग व्यापार मंडल समेत कई संगठनों ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को ज्ञापन भेजे हैं। कहा कि कोरोनाकाल थमने के बाद देश के कई भागों में रेल सेवाएं संचालित हो रही है, लेकिन कोटद्वार के लिए केवल एक मात्र सिद्धबली जनशताब्दी शुरू हो सकी है, जिसका समय गढ़वाल के रेल यात्रियों के लिए उपयुक्त नहीं पड़ रहा है।
नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सिंह बिष्ट, महामंत्री राजेंद्र भाटिया, कोषाध्यक्ष संजय मित्तल, वरिष्ठ व्यापारी नेता लाजपतराय भाटिया व राजेश त्रिपाठी ने केंद्रीय रेल मंत्री और प्रधानमंत्री से कोटद्वार तक पूर्व की भांति मसूरी एक्सप्रेस का संचालन शुरू करने की मांग की है। कहा कि गढ़वाल एक्सप्रेस बंद होने के बाद शुरू हुई सिद्धबली जनशताब्दी से थोड़ी समस्या कम हुई, लेकिन मसूरी एक्सप्रेस शुरू न होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि मसूरी एक्सप्रेस से व्यापारी रात को आराम से सफर कर दिल्ली जाता है और अपना काम निपटाकर शाम को उसी से वापसी कर अगली सुबह लौट जाता है। कहा कि 21 जून से मसूरी एक्सप्रेस का संचालन देहरादून से नजीबाबाद होते हुए दिल्ली तक किया जा रहा है, लेकिन इसे इस बार कोटद्वार नहीं जोड़ा गया। जिससे गढ़वाल के रेल यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
कोटद्वार नागरिक मंच के पूर्व अध्यक्ष विनोद कुकरेती, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, उपाध्यक्ष सीपी डोबरियाल, जीएमओयू अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, गोविंद डंडरियाल और अधिवक्ता जगमोहन भारद्वाज का कहना है कि मसूरी एक्सप्रेस को पूर्व भांति कोटद्वार तक चलाया जाना चाहिए। कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य राज्य है। यहां के सैनिक पूर्वोत्तर के राज्यों और जम्मू कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात हैं। कहा कि पहले कोटद्वार से हावड़ा के कोच लगा करते थे। जो वर्तमान में बंद कर दिए गए हैं।