कोटद्वार। सितंबर महीने का आखिरी सप्ताह चल रहा है। सीजन के हिसाब से बरसात का समय बीत चुका है, लेकिन क्षेत्र में हल्की बरसात का सिलसिला जारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की सी बरसात में पहाड़ियों के दरकने और धूप पड़ने पर चट्टानों के खिसकने का सिलसिला बरकरार है। यही कारण है कि क्षेत्र में एक जिला मार्ग समेत 17 ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित पड़े हैं। कई मोटर मार्गों पर काम चलाऊ व्यवस्था के तहत यातायात तो चल रहा है, लेकिन पूरी तरह से मार्ग से मलबा नहीं हटाया जा सका है। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भी कई जगह सड़क किनारे मलबा पड़ा है।
आपदा प्रबंधन पौड़ी की रिपोर्ट के अनुसार लोनिवि बैजरो के अंतर्गत मुख्य जिला मार्ग में शामिल मैठाणाघाट-रसिया महादेव, सारसौं-जंदरिया, मैखुली-देवराड़ी-कफलखेत मार्ग, डुगलीकोट-डडोली तल्ली मार्ग अब भी बाधित चल रहे हैं। इन मोटर मार्गों पर कई जगह आए मलबे को पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है। बरसात के बाद अब तेज धूप में भी चट्टाने दरक रहीं हैं। यही हाल दुगड्डा लोनिवि की धारकोट-जुलेड़ी सड़क, पीएमजीएसवाई की माला-सिरासू मार्ग व माला-कोटा मार्ग का बना है। प्रांतीय खंड लोनिवि की बयेला मल्ला-सिरवाणा-बगरखाल ग्रामीण मार्ग, जुई-पापड़ी, टसीला संपर्क मार्ग, कफोल मोटर मार्ग, चमेठा-धौलखेतवाल-बूचाखाल, डोलियाखाल-अदवाणा-जोगिंडा मार्ग, पीएमजीएसवाई की नाथूखाल-चूना महेड़ा मार्ग समेत ग्रामीण संपर्क मार्ग बदहाल पडे़ हैं। ग्रामीण जयकृत सिंह राणा, जगमोहन सिंह व बलबीर सिंह रावत का कहना है कि सड़कों की हालत खराब हो गई है। जिन्हें ठीक करने के लिए विभाग की ओर से आपदा मद में आगणन बनाकर भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन बजट न मिलने से पुश्तों का निर्माण व सुरक्षा दीवार नहीं बन पा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे खराब हालत नाथूखाल चूना महेड़ा व जमरगड्डी मार्ग की है, जो करीब 3 किमी से ज्यादा ध्वस्त पड़ी हैं। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता विपिन सैनी ने बताया कि चूना महेड़ा मार्ग की मरम्मत के लिए चार करोड़ का आगणन बनाकर भेजा गया है। लोनिवि दुगड्डा के सहायक अभियंता सत्यप्रकाश राठौर ने बताया कि उनके खंड की सभी सड़कों को यातायात लायक खाेल दिया गया है। अन्य कार्य भी जल्द कराए जाएंगे।