कोटद्वार। क्षेत्र में चर्चित एक ऐप के माध्यम से निजी वाहनों से व्यावसायिक तौर पर सवारियां ढोने से वाहन चालक व गढ़वाल जीप, टैक्सी यूनियन भड़की हुई है। यूनियन की ओर से एआरटीओ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि शिक्षित बेरोजगारों ने बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार के लिए वाहन खरीदे हैं और परिवहन विभाग के नियमों का पालन करते हुए अपने वाहनों का संचालन कर रहे हैं। लेकिन वर्तमान में चर्चित ऐप के माध्यम से निजी वाहन संचालक व्यावसायिक तौर पर सवारियां बैठाकर ले जा रहे हैं, जिससे परिवहन कारोबारियों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कहा कि चारधाम यात्रा में भी अन्य प्रदेशों के वाहनों एवं निजी वाहनों का कब्जा हो गया है। निजी वाहन एवं अन्य प्रदेशों के वाहनों का संचालन ऋषिकेश और हरिद्वार से किया जा रहा है। इस बार के चारधाम यात्रा सीजन में भी संगठन से जुड़े वाहन मालिक और चालकों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। जिससे वह केवल स्थानीय स्तर पर ही वाहनों का संचालन करने को मजबूर हैं, लेकिन अब ऐप के जरिए निजी वाहन मालिक अपने वाहनों का व्यावसायिक तौर पर उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर भी वाहन स्वामियों और चालकों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
ज्ञापन में उन्होंने निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि संगठन की मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ तो व्यावसायिक वाहन चालक आंदोलन को मजबूर होंगे। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में गढ़वाल जीप टैक्सी, मैक्सी समिति के अध्यक्ष अमरदीप सिंह रावत, उपाध्यक्ष मनोज पटवाल, सचिव सुशील कुमार भट्ट, कोषाध्यक्ष सोहन सिंह नेगी समेत कई चालक व वाहन स्वामी शामिल रहे।
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