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मेरा सिद्धबली बाबा तू दैंणा ह्वे जैयां..

Sat, 05 Dec 2015 09:51 PM IST
कोटद्वार
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सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित गढ़वाली भजन संध्या में उत्तराखंड की प्रसिद्ध गायिका कल्पना चौहान और उनके सहायक गायकों के भजनों का जादू श्रद्धालुओं के सर चढ़कर बोला। गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया।
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शनिवार को भजन संध्या की सुरुआत गायक रोहित चौहान ने जागर के रूप में की। अतिथि गायिका के रूप में पहुंची कल्पना चौहान ने जैसे ही मेरा जै सिद्धबली बाबा तू दैणू ह्वे जैयां.. भजन की प्रस्तुति शुरू की खचाखच भरे मैदान में श्रद्धालु ताली बजते हुए झूमने लग गए। कई महिलाएं भाव विभोर होकर अपनी जगह पर खड़ी होकर थिरकने लगी। कल्पना ने मन लगि के मेरू बाबा का चरणों मां.. आदि भजनों की प्रस्तुति ने सिद्धबली मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय कर दिया। इसके बाद राहुल चौहान ने शंभू भोले नाथ.., मोहनी मुरुलि बजैलू.., दैणा होयां सिद्धबली बाबा.., रामजी चले ना हनुमान के बिना.. आदि भजनों की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। गायिका नेहा खंकरियाल ने सिद्धबली बाबा मेरी सुण ले पुकार, आस लगैकी अयूं छौं तेरा दरबार.. भजन की प्रस्तुति ने खूब वाहवाही लूटी। नेहा ने सांसों की माला में सिमरूं शिव का नाम..आदि भजनों की प्रस्तुति दी। गायिका हेमा नेगी ने नंदा जागर आस ह्वेगी मैया.., गिरि गेंदूआ पांच भाई पांडवा.., ह्वेगे दर्शन तेरू मन नचण लगी गे मेरू.., शंभू भोले नाथ शंभू भोले..आदि प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। भजनों के साथ कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर समा बांधा। देर शाम तक श्रद्धालु भजनों की प्रस्तुति पर झूमते रहे।
इससे पूर्व सुबह को सिद्धबली महोत्सव के तहत सुबह पांच बजे महंत दिलीप रावत और मुख्य यजमान उद्योगपति अनिल कंसल ने वैदिक मंत्रोचार के साथ पिंडी महाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने एकादश कुंडीय यज्ञ में आहुति डालकर सिद्धबाबा से कामना की।  
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बाबा के दर्शनों और भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
शनिवार को महोत्सव के दूसरे दिन सुबह छह बजे से सिद्धबली बाबा के दर्शनों के लिए श्रद्धलुओं का तांता लगा रहा। लोगों की भीड को नियंत्रित करने के लिए मंदिर समिति के पदाधिकारियों को पसीना बहाना पड़ा। बाबा के दर्शनों को शाम तक लाइन लगी रही लोगों ने लाइन पर लगकर सिद्धबली बाबा के दर्शन किए और सुख, शांति, समृद्धि की कामना की। यही हाल मेला संयोजक अनिल कंसल की ओर से आयोजित भंडारा में रहा सुबह से ही भंडारा लेने के लिए लागों की लाइन लगी रही जो शाम तक जारी थी।
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निशुल्क मिली श्रद्धालुओं को चाय
सिद्धबली बाबा मंदिर में प्रतिवर्ष स्थानीय व्यवसाई अजय अग्रवाल ने लोगों को निशुल्क चाय पिलाकर सिद्धबली बाबा पर अपनी भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने महोत्सव में पहुंचने वालों के लिए निशुल्क चाय की व्यवस्था की।  उनके स्टाल में दिन भर चाय पीने वालों का तांता लगा रहा। लोग दिन भर चाय की चुस्ती लेते हुए भक्ति संगीत कार्यक्रमों का लुफ्त लेते रहे।
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