पौड़ी। जीआईसी दमदेवल से राजनीति की पाठशाला पढ़े पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के विद्यालय में आज गणित व रसायन विज्ञान जैसे अहम विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। इंटरमीडिएट के गणित के छात्र-छात्राओं को सहायक अध्यापक गणित पढ़ा रहे हैं। ऐसे में पूर्व सीएम के गांव पिनानी समेत 25 गांवों के दर्जनों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चिंतित अभिभावकों ने बीते बुधवार को शिक्षा महकमे के अधिकारियों से वार्ता कर विद्यार्थियों का भविष्य बचाने की गुहार लगाई।
पोखड़ा ब्लाक के इसी विद्यालय से पूर्व मुख्यमंत्री ‘निशंक’ ने कक्षा छह से दसवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। इसे सरकार ने अप्रैल महीने में आदर्श विद्यालय बनाया। सरकार ने विद्यालय में बायोमीट्रिक मशीन तो लगा दी, लेकिन शिक्षकों की तैनाती नहीं की। विद्यालय में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान व जीव विज्ञान के मात्र तीन प्रवक्ता ही तैनात हैं। इससे छात्र-छात्राओं को गणित, रसायन विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र जैसे अहम विषयों की बुनियादी जानकारियां नहीं मिल पा रही हैं। बच्चों की समस्या से चिंतित अभिभावकों ने बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी से भेंट कर समस्या के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई।
इस मौके पर पीटीए अध्यक्ष दिलबर सिंह गुसांई, महिपाल सिंह, श्रीचंद, बचन सिंह, कल्याण सिंह, अशोक पांथरी, शेर सिंह, बीरेंद्र सिंह, ऊषा देवी, गोदांबरी देवी, उर्मिला देवी, लक्ष्मी देवी आदि मौजूद थे।
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भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता देख रहे प्रधानाचार्य का काम
पौड़ी। जीआईसी दमदेवल में वर्ष 2005 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता दिग्विजय सिंह नेगी प्रधानाचार्य का पदभार संभाल रहे हैं। विद्यालय की छात्र संख्या एक सौ साठ से अधिक है।
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एलटी, प्रवक्ता के 17 पदों के सापेक्ष हैं 8 शिक्षक
पौड़ी। प्रभारी प्रधानाचार्य दिग्विजय सिंह नेगी ने बताया कि प्रवक्ता के स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष मात्र तीन ही विद्यालय में तैनात हैं, जबकि एलटी में आठ पदों के सापेक्ष पांच कार्यरत हैं।