असम राइफल्स की 20वीं बटालियन में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए राइफलमैन महावीर सिंह गुसाईं का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्रीय विधायक और मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत समेत जनप्रतिनिधियों, सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। हरिद्वार के चंडीघाट पर गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों की टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके बेटे रोहित ने उन्हें मुखाग्नि दी।
शनिवार सुबह करीब सात बजे गढ़वाल राइफल्स के ट्रक में शहीद महावीर का पार्थिव शरीर उनके घमंडपुर स्थित निवास पर लाया गया। पार्थिव शरीर के घर के पास पहुंचते ही उनकी पत्नी कमला देवी, बेटा रोहित, बेटी गीता, मां बरदेशी देवी समेत परिजनों में कोहराम मच गया।
वन एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के परिजनों को ढांढ़स बंधाया। एसडीएम योगेेश कुमार मेहरा, सीओ अनिल कुमार जोशी, गढ़वाल राइफल्स की ओर से मेजर चेतन बिष्ट, सूबेदार हीरा सिंह, तहसीलदार विकास अवस्थी, मोहन सिंह बिष्ट, पार्षद कुलदीप सिंह रावत समेत परिजनों और क्षेत्रवासियों पुष्पांजलि देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सेना के ट्रक में पार्थिव शरीर को हरिद्वार के गंगा तट पर चंडीघाट ले जाया गया। जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे असम राइफल के नायब सूबेदार एएस बिष्ट ने बताया कि आठ जुलाई को राइफलमैन महावीर सिंह मणिपुर की टीनोपाल जिले में ड्यूटी पर तैनात थे। तभी सुबह करीब नौ बजे उनकी छाती में तेज दर्द हुआ। उन्हें सेना के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।