जीआईसी दुगड्डा में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर में लोगों को लाइन में लगाने और सूची बनाने के बाद भी टीका नहीं लगाने पर लोग भड़क गए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों पर टीकाकरण में पारदर्शिता नहीं अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मियों के समझाने के बाद लोग शांत हुए और बिना टीका लगवाए ही लौट गए।
शनिवार को दुगड्डा के टीकाकरण केंद्र में 45 प्लस का टीकाकरण किया जाना था। लोग सुबह से ही लाइन में लग गए। इसके लिए लोगों की बाकायदा लिस्ट बनाई गई, लेकिन जैसे ही वैक्सीन लगाने का समय आय, वैक्सीन समाप्त होने की घोषणा कर दी गई। इसपर लोग भड़क गए। टीका लगाने के लिए पहुंचे हरेंद्र रावत, चंद्रमोहन सिंह, सुषमा, रेखा ने बताया कि 45 प्लस के वैक्सीनेशन के लिए सुबह से लोग जीआईसी में आने शुरू हो गए थे लेकिन कर्मचारियों ने लिस्ट के अनुसार वैक्सीन नहीं लगाई। इसका विरोध करने पर भी कर्मचारी नहीं माने और कुछ देर बाद वैक्सीन समाप्त होने की घोषणा कर दी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीनेशन में पारदर्शिता बरतने, राजनीतिक दबाव में कार्य नहीं करने, पुलिस की तैनाती करने और वैक्सीनेशन सेंटर में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित करने की मांग की।
वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र बड़थ्वाल का कहना है कि टीकाकरण में पारदर्शिता के निर्देश जारी किए गए हैं। 45 प्लस वैक्सीनेशन के लिए स्थानीय लोगों को प्रथम वरीयता दी जाएगी। 18 प्लस के लिए 80 फीसदी ऑफलाइन और सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए 20 फीसदी ऑनलाइन की व्यवस्था की जाएगी।