कोटद्वार। कोटद्वार-भाबर में मोटाढाक और हल्दूखाता के बीच स्थित मालन नदी में 13 जुलाई, 2023 को क्षतिग्रस्त मालन पुल और इसके निर्माण में जुटा लोनिवि दुगड्डा भाबर के वाशिंदों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। पुल बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके स्लैब की फिटिंग और फिनिशिंग के नाम पर अभी तक वाहनों का संचालन शुरू नहीं करा सका है। आलम यह है कि पहले 30 अप्रैल और अब 15 मई तक हर हाल में काम पूरा कर वाहनों के संचालन का दावा करने वाला लोनिवि आज तक भी फिनिशिंग में जुटा है, जबकि क्षेत्रवासी बीते अप्रैल से ही पुल पर वाहनों के संचालन का इंतजार कर रहे हैं।
बाढ़ और कटाव से मालन पुल के पिलर को बचा पाने में नाकाम रहा लोनिवि दुगड्डा की लचर कार्यशैली का खामियाजा भाबर के वाशिंदे बीते पौने दो साल से झेल रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुखरो पुल की तरह यदि समय से मालन पुल का भी बरसात में ध्यान रख लिया होता तो यह दिक्कत नहीं आती। बीती दो बरसात से क्षेत्र के आठ वार्डों की आबादी के साथ ही सिडकुल कर्मी, नौकरीपेशा लोग बदहाल वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही कर रहे हैं। एक-एक दिन उन्हें भारी पड़ रहा है। वे बीते दिसंबर माह से पुल निर्माण की वाट जोह रहे हैं। लोनिवि ने पहले 31 दिसंबर तक, इसके बाद 31 मार्च तक पुल का निर्माण कर वाहनों का संचालन शुरू करने का भरोसा जनप्रतिनिधियों और जनता को दिया था। इसके बाद 15 अप्रैल और 30 अप्रैल की निर्धारित तिथि भी बीत चुकी है। मई का भी तीसरा सप्ताह शुरू हो चुका है। लोनिवि दुगड्डा पुल पर फिनिशिंग कार्य में ही जुटा है। विभाग और उसकी कार्यदायी एजेंसी की लेटलतीफी से भाबर के जनप्रतिनिधि और आम जनमानस हैरान है। क्षेत्रीय पार्षद जेपी बहुखंडी, भीम सिंह नेगी, रजनीश बेबनी, विवेक शाह, सुखपाल शाह, मनीष नैथानी समेत लोगों का कहना है कि विभाग को जल्द ही पुल को दो पहिया, कार व स्कूल बसों के लिए पुल को खोल देना चाहिए।
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मालन पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल के स्लैब की फिटिंग और फिनिशिंग का काम भी अंतिम चरण में है। दोनों ओर से पुल की एप्रोच रोड भी बनाकर तैयार कर दी गई है। जल्द ही वाहनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा .