डूबी रकम वापस दिलाने की उठाई मांग, केंद्रीय सहकारिता मंत्री भेजा ज्ञापन
कोटद्वार। उत्तराखंड जन विकास मंच के बैनर तले द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के निवेशकों और अभिकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डूबी रकम वापस दिलाने और सोसाइटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री को ज्ञापन भेजा है।
बृहस्पतिवार को एलयूसीसी के निवेशक और अभिकर्ता कोटद्वार तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई सभा में मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने सभी से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। कहा कि एलयूसीसी कृषि मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत थी, जो वर्तमान में सहकारिता मंत्रालय के अधीन है। सोसाइटी की ओर से तीन राज्यों में बैंकिंग कार्य किया जा रहा था।
सोसाइटी में उत्तराखंड के लाखों लोगों ने सुकन्या, आयुष्मान, योजना, पेंशन प्लान समेत आरडी, एफडी और एमआईपी के माध्यम से 500 करोड़ का निवेश किया था। सोसाइटी ने उत्तराखंड में 6 जनवरी, 2017 से अपना कार्य विस्तार कर बतौर कमीशन एजेंट व सुविधा केंद्र भी खुलवाए। वर्ष 2018 में सोसाइटी ने कुछ सुविधा केंद्रों में एटीएम की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई।
सोसाइटी के बंद होने के बाद निवेशक अब अपना पैसा लौटाने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में मंच के सचिव विनोद चौहान, कुलवंत सिंह, सुरेश नेगी, लक्ष्मण बिष्ट, बीरेंद्र सिंह, शोभा देवी, रेखा देवी, अंजू डबराल, तृप्ति नेगी, ज्योति नेगी, कल्पना देवी, रोशनी, रजनी देवी, दीपाली पटवाल, पुष्प रावत आदि शामिल रहे।