विश्व कैंसर दिवस पर एकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत इंटर कॉलेज सुरखेत की रेडक्रॉस और एनएसएस इकाई की आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को कैंसर के बारे में जागरूक किया गया। कहा गया कि शुरुआत में ही कैंसर बीमारी का पता लगने पर जान बचाई जा सकती है। साथ ही इसके प्रति जागरूकता होनी भी जरूरी है।
कार्यक्रम में गणित प्रवक्ता एवं एनएसएस के गढ़वाल मंडल समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि कैंसर शरीर की कोशिकाओं के भीतर डीएनए में परिवर्तन (म्यूटेशन) के कारण होता है। इसके कारण कोशिका मृत होने लगती हैं और अपना सामान्य कार्य करना बंद कर देती हैं। यही मृत कोशिकाएं कैंसर को जन्म देती हैं।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकतावादी समय में बढ़ते प्रदूषण, अनियमित खानपान व जीवनशैली में बदलाव ने कैंसर जैसी घातक बीमारी को वैश्विक महामारी बना दिया है। बताया कि शुरुआती चरण में बीमारी का पता लगने पर पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। इस मौके पर नेहा, मानसी, खुशबू, प्रभात रमोला, सूरज नेगी, गौरव, अवनीश सिंह सहित एनएसएस और रेडक्रॉस समिति के स्वयंसेवी मौजूद रहे।
वहीं उत्तराखंड पुलिस वाइफस वेलफेयर एसोसिएशन (उपवा) की ओर से कोतवाली परिसर में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी और उपवा की नोडल अधिकारी मनीषा जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता से इस बीमारी से बचाव संभव है। सीएचओ रुचि रावत व सहायिका दामिनी ने पुलिस परिवार की महिलाओं को ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर के लक्षण व बचाव के बारे में बताया। उन्होंने मैमोग्राफी टेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर में पेप सीमर टेस्ट, बायोपैसी टेस्ट के बारे में जानकारी दी। कहा कि उक्त टेस्ट महिला चिकित्सक की सलाह पर किए जाने चाहिए। इस मौके पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी उपनिरीक्षक सुमन लता ने भी विचार रखे।