कई बार मांग करने के बाद भी नहीं दिया जा रहा है ध्यान
धुमाकोट/कोटद्वार। बस सेवा के अभाव में उच्च पर्वतीय क्षेत्र के लोगों का संपर्क तीर्थनगरी हरिद्वार और राजधानी देहरादून से कटा हुआ है। क्षेत्र की बड़ी आबादी परिवहन के सीमित और यदाकदा मिलने वाले साधनों पर ही निर्भर है। क्षेत्रवासियों ने शासन से मार्ग पर कोई भी बस सेवा शुरू कर आमजन को उसके सीमित दायरे से बाहर निकालकर राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने की मांग की है।
धुमाकोट समेत उच्च पर्वतीय क्षेत्र के लोग पिछले काफी समय से गोलीखाल से जड़ाऊखांद-मजेड़ा बैंड मोटर मार्ग पर गोलीखाल, मजेड़ा बैंड से धुमाकोट, कोटद्वार, हरिद्वार और देहरादून तक और देहरादून, हरिद्वार से वापस धुमाकोट, मजेड़ा बैंड, जड़ाऊखांद, गोलीखाल तक बस सेवा शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों कहना है कि वर्षाकाल से पहले मार्ग पर संचालित बस को रोक दिया गया। मजेड़ा बैंड के आसपास गांवों सिरखेत, बिरखेत, किनाथ, बाराथ, धौलियाना, जमणधार, गुजडू कोचियार व कोचियार बड़ा आदि कई गांवों के लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील धुमाकोट, बैंक, ब्लाॅक मुख्यालय नैनीडांडा आने-जाने के लिए टैक्सी बुक करनी पड़ती है। परेशानी को देखते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शासन-प्रशासन के समक्ष जनता की परेशानी को रखते आ रहे हैं, लेकिन बस सेवा को शुरू नहीं किया गया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह मनराल, भूपेंद्र सिंह रावत, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख सुरेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह, भगत सिंह बिष्ट, धन सिंह, अनिल सिंह, विनोद पटवाल, मोहन ध्यानी, सत्यपाल सिंह रावत समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन से बस सेवा शीघ्र शुरू करने की मांग की है।