कोटद्वार क्षेत्र के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है। कोटद्वार को राज्य सरकार ने तीन हजार लीटर प्रतिनिधि क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की सौगात दी है। इसके लिए ग्राम्य अवस्थापना विकास निधि (आरआईडीएफ) से करीब दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बृहस्पतिवार को प्रदेश के सहकारिता और दुग्ध विकास मंत्री डा. धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक व वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत इस प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास खूनीबड़ में करेंगे।
राज्य सरकार ने आंचल दुग्ध सहकारी संघ श्रीनगर गढ़वाल के कोटद्वार स्थित अवशीतन केंद्र को अपग्रेड करने के लिए कोटद्वार में दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट बनाने और कोटद्वार को पृथक दुग्ध संघ बनाने की घोषणा चार साल पहले की थी। तब शासन की ओर से खूनीबड़ में करीब आठ बीघा जमीन उक्त प्लांट के लिए आवंटित की थी। अब सरकार ने इसके लिए आरआईडीएफ से करीब दो करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। दुग्ध सहकारी संघ के महाप्रबंधक चौधरी हरिसिंह ने बताया कि प्रोसेसिंग प्लांट के शिलान्यास के लिए पूरी तैयारी कर ली गई हैं।
प्रोसेसिंग प्लांट लगने से यह होंगे फायदे
कोटद्वार में तीन हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना होने से जहां दूध पैकेजिंग के लिए रोजाना श्रीनगर गढ़वाल भेजने की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं, दूध श्रीनगर भेजने में होने वाला खर्च भी बचेगा। वर्तमान में कोटद्वार क्षेत्र से प्रतिदिन दो हजार लीटर दूध एकत्रित कर उसमें से करीब 600 लीटर मिल्क एटीएम के जरिए बेचा जा रहा है। बाकी बचे करीब एक हजार चार सौ लीटर दूध को पैकेजिंग के लिए श्रीनगर गढ़वाल भेजा जा रहा है। खूनीबड़ में प्लांट की स्थापना के बाद यहां चिलिंग, प्रोसेसिंग, पैकिंग, दूध, दही, मावा, घी, मट्ठा, पनीर बनाने और पैकिंग का काम शुरू हो जाएगा।