कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कोर जोन से गुजरने वाली जीएमओयू की कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर यात्री बस सेवा को बंद करने का फरमान जीएमओयू मुख्यालय कोटद्वार पहुंच गया है। शुक्रवार से मार्ग पर संचालित दोनों बस सेवाएं नहीं चलेंगी। जीएमओयू की ओर से बृहस्पतिवार को इस बारे में अपने कोटद्वार डिपो को दिशा निर्देश जारी कर बस सेवा बंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
करीब दो साल बाद वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के दिशा निर्देश पर वन विभाग ने कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मार्ग पर दो यात्री वाहनों के संचालन की अनुमति बीते वर्ष 23 दिसंबर को दी थी। 25 दिसंबर से मार्ग पर जीएमओयू की दो बस सेवाओं का संचालन शुरू किया गया। इस बीच एक एनजीओ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उक्त आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई, जिसमें वन विभाग के निर्णय को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ बताया। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गत 18 फरवरी को स्थगित करने के आदेश पारित किए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में 24 फरवरी को सीटीआर के निदेशक का पत्र जीएमओयू मुख्यालय कोटद्वार को प्राप्त हो गया है। जीएमओयू के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने कालागढ़ रामनगर मार्ग पर बस बंद करने के आदेश की पुष्टि की है।
दोगुना किराया देना पड़ेगा
कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर वन मोटर मार्ग राज्य की सीमा के भीतर से गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है। कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर वन मोटर मार्ग से आवाजाही करने पर कोटद्वार से कालागढ़ की दूरी जहां 48 किमी है, वहीं रामनगर की दूरी महज 88 किमी है। यूपी के रास्ते जहां कालागढ़ की दूरी 99 किमी है, वहीं रामनगर की दूरी 138 किमी है।